Monday, August 31, 2009

Sandarbh Prasang Bhavarth-1


American Idiot -Amriki Bevkoof


संकेत- Don't wanna be an American idiot
Don't want a nation under the new media
And can you hear the sound of hysteria?
The subliminal mind f**k America

Welcome to a new kind of tension
All across the alien nation
Where everything isn't meant to be okay

Television dreams of tomorrow
We're not the ones who're meant to follow
For that's enough to argue

सन्दर्भ-प्रस्तुत पंक्तिया अमरीकी बेवकूफ नमक कविता से उद्घृत की गयी है.इसके कवि हरा दिन (greenday) है .

प्रसंग- प्रस्तुत पंक्तियों में अमरीकी बेवकूफ के बारे में बताया गया है।

भावार्थ- कवि कहते है -'मुझे अमरीकी बेवकूफ नही बनना है न ही मै चाहता हु की मेरा देश मीडिया के नक्शे कदमो पर चले.क्या आप पागलपन की आवाज़ को सुन सकते है? शायद वोह आवाज़ दिमाग में सही से नही गया ____ अमरीकियों के . आपका स्वागत है इस नए प्रकार की चिंता में जो इस पुरी परजीवी देश में फ़ैल चुका है जहा सब कुछ सही होना सही नही है। दूरदर्शन कल का सपना है और हम उन में से नही है जिनको सिर्फ़ पीछा करना आता है जैसे की यह झगरा करने के लिए काफी है.


(हम चट रहे थे इसलिए यह बकवास लिखा)


0 comments: